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Jay Ambe Jay Jagadambe | जय अम्बे जय जय जगदम्बे | Full Song

  • Writer: Sanatan Bhakti
    Sanatan Bhakti
  • Jul 11, 2025
  • 1 min read

Jay Ambe Jay Jagadambe | Listen For Free On Youtube


सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवेसर्वार्थसाधिके ।

शरण्येत्र्यम्बकेगौरि नारायणिनमोऽस्तुते ॥

 

(मुखड़ा):

जय अम्बे जय जय जगदम्बे, संकट हरनी माँ!

तेरे चरणों में है जीवन, तू ही आराधना।।

 

(अंतरा 1):

माँ अम्बे जय जगदम्बे, तू ही भाग्य विधाता,

तेरा नाम जपें हर पल, तू ही सुख की दाता।।

जगत की हो जननी तुम, वंशजो की हो पालक,

हरति हर दुःख को, सुखो की तुम हो कारण॥

 

(अंतरा 2):

तू ही शक्ति स्वरूपा, तू ही बुद्धि की देवी,

तू ही जीवन की रचना, तू ही माया अजेयी।

तेरे चरणों में आश्रय, तेरे नाम से है जीवन,

तेरे दर्शन मात्र से, धन्य हुवा मेरा हर क्षण॥

 

जय अम्बे जय जय जगदम्बे, संकट हरनी माँ!

तेरे चरणों में है जीवन, तू ही आराधना।।

 

 

 

(अंतरा 3):

भक्ति से जो तुझे पुकारे, उसकी बिगड़ी पल में सवारे,

भक्तों की तू माई दयालु, हर संकट से तू ही उबारे।

तू नारी में शक्ति स्वरूपा, तू वीरों की भक्ति और पूजा,

हर युग में हो तेरा पूजन, तू ही सृजन तू ही संपन्न ॥

 

(अंतरा 4):

माँ तू अडिग, तू अविचल, तू संकट में सहारा,

तेरे नाम से जागे, हर मन में उजियारा।

तेरा स्नेह है अमृतधारा, तेरा रूप है सत्य सारा,

हर जीवन की तू नैया, तू ही माँ पतवार हमारा।

 

जय अम्बे जय जय जगदम्बे, संकट हरनी माँ!

तेरे चरणों में है जीवन, तू ही आराधना।।

 

(समापन):

हे माँ अम्बे - जगदम्बे, बस कर दो इतनी क्रीपा,

हर जनम में तू ही मिले माँ, बस यही है प्रार्थना॥

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